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द्वारा डैनियल पाइप्स
FrontPageMagazine.com
25 जुलाई, 2005
मौलिक अंग्रेजी सामग्री: British Opinion Surveys from an Islamist Hell
हिन्दी अनुवाद - अमिताभ त्रिपाठी
वैसे तो किसी भी देश के लिए यह पता लगाना बड़ा कठिन है कि उसके देश में कितने संभावित आतंकवादी निवास करते हैं लेकिन अभी हाल में ही लंदन के टाइम्स अखबार में ब्रिटिश सरकार की लीक हुई एक रिपोर्ट और डेली टेलीग्राफ द्वारा कराए गए जमनत सर्वेक्षण के एक जैसे निष्कर्ष निश्चय ही चौंकाने वाले हैं.
सरकारी खुफिया रिपोर्ट जिसकी पहचान नहीं दी गई है उसके अनुसार 16,000 ब्रिटिश मुसलमान आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं.
यू गोव पोलिंग फर्म नामक सम्मानित संस्था ने शोध के उचित मानदंडों का उपयोग करते हुए 15 जून से 22 जून के मध्य संपूर्ण ब्रिटेन के 526 वयस्कों से साक्षात्कार लिया. इन आंकड़ों में अनुमानित तौर पर मुस्लिम जनसंख्या की आयु, लिंग और मूल देश को भी प्रतिविंबित किया गया .इस सर्वेक्षण में पाया गया कि उनका एक प्रतिशत अर्थात् 16000 लोग “अनैतिक और पतोन्मुखी” पश्चिमी संसकृति को समाप्त करने के लिए हिंसा का सहारा लेने को उद्यत हैं.
ये वर्ग कितना सघन है और ये संभावित आतंकवादी तमाम आर्थिक, सामाजिक , राजनैतिक और सांस्कृतिक परिणामों के साथ ब्रिटेन की सुरक्षा के लिए किस प्रकार असाधारण खतरा सिद्ध होंगे जिसकी कल्पना सहजता से की जा सकती है .
एक और सर्वेक्षण जिसे स्काई न्यूज़ ने सुनिश्चित किया तथा कम्यूनिकेट रिसर्च ने संपादित कराया ( जिसमें ब्रिटेन आधारित 462 मुसलमानों से दूरभाष पर साक्षात्कार लिया गया ) उसने भी ऐसे ही निष्कर्ष निकाले.
टिप्पणियां - 1 - यह कहना कठिन है कि इन दोनों सर्वेक्षणों के आंकड़ों में अधिक चिंताजनक कौन है , लेकिन दो बातें साफ हैं – ब्रिटेन के तीन चौथाई से भी कम मुसलमानों
द्वारा यह कहना कि वे किसी आतंकवादी खतरे की सूचना पुलिस को देंगे, ब्लेयर प्रशासन की इस रणनीति पर गंभीर प्रश्न खड़ा रहते हैं कि मुसलमानों के लिए उनके समुदाय की पुलिस होनी चाहिए . दूसरा एक तिहाई मुसलमानों का
ब्रिटिश समाज को अस्वीकार कर समाप्त करने का प्रयास तथा इस्लामिक व्यवस्था के लिए मार्ग प्रशस्त करने की बात ब्रिटेन की बहुप्रचारित बहुलवादी संस्कृति के आदर्श को संदेह की परिधि में खड़ा करती है.
2. टेलीग्राफ के इस सर्वेक्षण के व्याख्याकार एसेक्स विश्विद्यालय के ऐन्थोनी किंग इस परिणाम पर लीपा-पोती करते हुए कहते हैं कि एक ओर तो ये उलझन वाले और कुछ अर्थों में सजग करने वाले हैं. आखिर इसका क्या अर्थ है . कुछ विशेष उदाहरणों से वे इस कान खड़े करने वाले सर्वेक्षण से प्रसन्नता के क्षण भी ढूंढ लेते हैं ( उनकी दृष्टि में संभावित आतंकवादी खतरों से सावधान करने की 73 प्रतिशत मुसलमानों की प्रवृत्ति प्रभावशाली है ).
ब्रिटेन के समाचार पत्रों और प्रोफेसरों के ऐसे भावुक व्यवहार किसी को भी चकित कर सकते हैं कि आखिर ब्रिटेन के भीतर पल रहे इस्लामवादी नर्क को देख कर ये लोग कब जागेंगे.
सम्बन्धित विषय: आतंकवाद, जनमत सर्वेक्षण, पश्चिम में मुसलमान डैनियल पाइप्स की साप्ताहिक हिन्दी ई-मेल सूची के नि:शुल्क सदस्य बनें