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[ बैण्डन मेफील्ड मामला ] ‘यदि तुम मुसलमान हो तो संदिग्ध हो’

द्वारा डैनियल पाइप्स
न्यूयार्क सन्
1 जून, 2004

मौलिक अंग्रेजी सामग्री: [Brandon Mayfield Case:] "If You Are Muslim, You Are Suspect"
हिन्दी अनुवाद - अमिताभ त्रिपाठी

6 मई को अमेरिका की सरकार ने बीवरटन ओर निवासी 37 वर्षीय बैण्डन मेफील्ड को भूलवश गिरफ्तार कर लिया. मैड्रिड से भेजे गये अंगुली के निशान के चलते उसे 11 मार्च के मैड्रिड धमाकों से जुड़ा माना गया जिस धमाके में 191 लोगों की मृत्यु हुयी थी और 2,000 लोग घायल हुये थे. जब स्पेन की सरकार को पता चला कि अंगुलियों के ये निशान एक अल्जीरियाई मूल के व्यक्ति के हैं तो न्याय विभाग ने मेफील्ड को मुक्त करने का आग्रह किया और उसे मुक्त कर दिया गया.

तकनीकी भूल को दरकिनार करते हुये न्याय विभाग की इस बात के लिये आलोचना की गई कि उसने मेफील्ड के विरूद्ध मामला उसके इस्लामी जुड़ाव के चलते बनाया था. मुक्त होने के बाद मेफील्ड ने घोषणा की, “ मैं एक अमेरिकन मुसलमान हूँ , मुझे अनुभव होता है कि मुसलमान के नाते मेरे साथ भेदभाव हो रहा है” उसके पिता बिल ने भी यही बात दुहरायी, “वे उसे इसलिये उठाकर ले गये क्योंकि उन्हें कोई ऐसा व्यक्ति चाहिये था जो उनकी रूपरेखा के अनुरूप हो और मुसलमान होने के नाते वह इसके सर्वाधिक निकट था ”

इस्लामिक सेन्टर आफ पोर्टलैण्ड के समीर होरानी ने टिप्पणी की यदि आप मुसलमान हैं तो आप संदिग्ध हैं. अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन के डेव फिडान्क्यू ने भी सुर में सुर मिलाते हुये कहा, “ जहाँ तक न्याय विभाग का प्रश्न है तो यदि आप मुसलमान हैं और एक मस्जिद विशेष में जाते हैं तो आप संदिग्ध हैं तथा निर्दोष सिद्ध होने तक आपको अपराधी माना जायेगा ” न्यूयार्क टाइम्स ने इसके अनुरूप ही टिप्पणी करते हुये लिखा कि मेफील्ड को गिरफ्तार करने का निर्णय उसके मुस्लिम सम्पर्कों से प्रभावित था.

परन्तु क्या मेफील्ड की पहचान पर ध्यान देकर अमेरिका की कानून प्रवर्तक संस्थाओं ने कुछ गलत किया ?

नहीं यह पूरी तरह उपयुक्त था. बल्कि कट्टरपंथी इस्लाम और वैश्विक जेहाद के साथ मेफील्ड के बहुत से सम्बन्धों को नजरअंदाज करना अदूरदर्शितापूर्ण होता.

इसके अतिरिक्त -

क्या भौतिक साक्ष्यों की खोज करने वाले सरकारी अभियोग पक्ष को इन तमाम सम्पर्कों और परिपाटियों की ओर से आँखें मूँद लेनी चाहिये. न्याय विभाग ने इनकी ओर इशारा करके अपना काम भर किया है.

अनेक हिंसक सम्पर्कों में लिप्त इस्लामवादी गुट काउंसिल आन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशन्स के इब्राहिम हूपर ने भी कहा है कि कोई भी मुसलमान आतंकवाद से छह डिग्री से अधिक की दूरी पर नहीं है. विश्व भर की सरकारों को इस वास्तविकता को ध्यान में रखना चाहिये.

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