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वामपंथी वैश्विक चिंतन के खतरेद्वारा डैनियल पाइप्स http://hi.danielpipes.org/article/12371 मौलिक अंग्रेजी सामग्री: [Leftist] Globalthink's Perils इराक के सम्बंध में बहस में डेमोक्रेट और अधिकाँश सहयोगी सरकारें सैन्य अभियान के लिये संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद की संस्तुति की माँग कर रही हैं या फिर वे इसके विरुद्ध हैं। यह एक विचित्र स्थिति है। अमेरिकी सरकार जिसका कि पिछ्ली दो शताब्दियों का मानवाधिकार को आगे बढाने और तानाशाहों को पराजित करने का रिकार्ड रहा है उसे संयुक्त राष्ट्र संघ पर निर्भर होना पडेगा? अब अमेरिका के निर्वाचित नेताओं को एक किनारे लगा दिया जायेगा और मिले जुले तानाशाह अमेरिका की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले निर्णय लेंगे? इस विचित्र विचार के पीछे एक कारण है, जिसका पता हडसन इन्सटीट्यूट के जान फोंटे के ओर्बिस पत्रिका के अभी के अंक में प्रकाशित एक आँखें खोल देने वाले लेख eye-opening article से चलता है । हाल के दशकों में " प्रगतिवाद" को अमेरिका की कार्यपालिका की शाखा , कांग्रेस, न्यायालय, राज्य और स्थानीय सरकारों ने अस्वीकार किया है परंतु उसे संयुक्त राष्ट्र संघ तथा अन्य लोकतांत्रिक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में मान्यता मिल रही है। अनेक पश्चिमी कुलीन और अधिकतर यूरोप के लोगों ने इसे इतना अधिक आत्मसात कर लिया है कि वे संयुक्त राष्ट्र संघ तथा इसी प्रकार के अन्य संस्थानों को इन मुद्दों पर अधिक सटीक मानते हैं। फोंटे के अनुसार यह अमेरिकी लोकतंत्र को समाप्त करने के प्रयास का अंग है और एक महत्वपूर्ण आंदोलन है जिसे कि उन्होंने " पराराष्ट्र प्रगतिवाद" का नाम दिया है। परंतु मैं " अफसरशाही वामपंथ" नाम अधिक पसंद करता हूँ , फोंटे ने इस तथ्य को स्थापित किया है कि फासीवाद और कम्युनिज्म की परम्परा में यह प्रयास "उदारवादी लोकतंत्र" के लिये महत्वपूर्ण चुनौती है। इस खतरे को पूरी तरह से समझने के लिये फोंटे का पूरा लेख पढना चाहिये। संक्षेप में मतपेटियों, विधि प्रोफेसर , राजनीतिक कार्यकर्ता, अधिकारियों , गैर सरकारी संगठनों के अफसरों , कार्पोरेट प्रशासकों तथा कार्यरत राजनेताओं के माध्यम से अपने उद्देश्य में सफलता प्राप्त करने में असफल रहने के बाद वे इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिये आधुनिक उदारवादी लोकतंत्र के दो मुख्य स्तम्भों व्यक्तिगत नागरिक और राष्ट्र राज्य के महत्व को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। अफसरशाही वामपंथ व्यक्ति की भूमिका को कम करने का प्रयास अनेक प्रकार से कर रहा है:
इसके बाद अफसरशाही वामपंथ राष्ट्र राज्य को कमजोर कर रहा है:
यद्यपि अफसरशाही वामपंथ परा आधुनिक रूप में प्रगतिवाद के नाम पर आगे बढाया जा रहा है परंतु फोंटे का मानना है कि यह यूरोप के पूर्व आधुनिक काल की याद दिलाता है जबकि शासक निर्वाचित नहीं होते थे। आज के अफसर कल के राजाओं की भूमिका को पूरा करते हैं। जिसकी सम्भावना थी कि वामपंथ का नया प्रकल्प अमेरिका कनाडा, फ्रांस , इजरायल के अतिरिक्त अन्य पश्चिमी देशों में अधिक सफल रहा । फोंटे के कथन में अंतर्निहित है कि अमेरिका के लोग ही इस बीभत्स व्यवस्था की घेराबंदी करेंगे जैसा कि उन्होंने फासीवाद और कम्युनिज्म के लिये किया था और जैसा कि वे उग्रवादी इस्लाम के विषय में कर रहे हैं। अफसरशाही वामपंथ को स्वीकार करने के साथ ही हम इसे वास्तविक क्षति करने से पूर्व रोक सकते हैं। सम्बन्धित विषय: अमेरिका की विदेश नीति, परम्परावादी और उदारवादी डैनियल पाइप्स की साप्ताहिक हिन्दी ई-मेल सूची के नि:शुल्क सदस्य बनें |
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इस साइट की सभी सामग्री ©1980 -2013 डैनियल पाइप्स. हिन्दी अनुवाद अमिताभ त्रिपाठी |
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