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पश्चिम के इस्लामवादी घुसपैठियेद्वारा डैनियल पाइप्स http://hi.danielpipes.org/article/12398 मौलिक अंग्रेजी सामग्री: The West's Islamist Infiltrators 36 वर्षीय पाकिस्तानी मूल की आफिया सिद्दीकी एम आई टी से शिक्षा प्राप्त, ब्रैंडिस विश्वविद्यालय से न्यूरो साइंस में पी एच .डी और तीन संतानों की माँ है। उसे पिछले सप्ताह अमेरिकी सैनिकों की हत्या का प्रयास करने और अल कायदा के लिये कार्य करने का न्यूयार्क सिटी में आरोपी बनाया गया है। उसकी गिरफ्तारी हमें पुनः स्मरण कराती है कि किस प्रकार अदृश्य रूप से इस्लामवादी घुसपैठिये आगे बढ रहे हैं। विशेष रूप से एक अनुमान के अनुसार अल कायदा के 40 कार्यकर्ता या सहानुभूति रखने वाले अमेरिकी गुप्तचर संस्थाओं में प्रवेश कर चुके हैं। सी आई ए के गुप्तचर प्रतिरोध विभाग के पूर्व प्रमुख माइकल सुलिक के अनुसार इस प्रकार स्थापित घुसपैठिये भारी क्षति पहुँचा सकते हैं: "शीत युद्ध में टैंक और लडाकू विमान प्रमुख हथियार थे परंतु आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में अज्ञात शत्रु के विरुद्ध इसका स्थान अब गुप्तचरी ने लिया है" उनका कहना है , " इस्लामावादी जासूस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये सोवियत जासूसों से कहीं बडा खतरा हैं" अभी तक अमेरिका और सोवियत संघ ने कभी परस्पर युद्ध नहीं किया परंतु अब हमारा राष्ट्र "युद्ध की स्थिति में है" 2001 से अब तक घुसपैठ के जो कुछ मामले सार्वजनिक हुए हैं वे निम्नलिखित हैं:
तीन अन्य मामले जरा कम स्पष्ट हैं । 21 वर्षीय बसाम खलाफ को जो कि फिलीस्तीनी मूल का ईसाई था उसे परिवहन सुरक्षा प्रशासन ने हवाई अड्डे से समानों की जाँच करने वाले दायित्व से मुक्त कर दिया क्योंकि उसके संगीत सीडी में 11 सितम्बर की प्रशंसा करता हुआ संगीत था। एफ बी आई के विशेष एजेंट गमाल अब्दुल हफीज ने इस्लामवाद समर्थक व्यवहार की परिपाटी दिखाई , जो कि लेखक पाल स्पेरी के अनुसार सामी अल अरियन को आतंकवाद के आरोप से मुक्त कराने में सहायक रहा। मिस्र के आप्रवासी हेशाम इस्लाम जो कि अमेरिका की नौसेना का कमांडर था और रक्षा विभाग के उप सचिव का विशेष सहायक था , उसे पेंटागन ने मुक्त कर दिया परंतु बडा प्रश्न अब भी शेष है और वह उसकी जीवनी और भावभंगिमा का है। अन्य पश्चिमी देश जैसे आस्ट्रेलिया, कनाडा , इजरायल, नीदरलैंड और ब्रिटेन भी घुसपैठ के प्रयास का शिकार रहे हैं । ( अधिक विस्तार के लिये मेरा वेबलाब देखें"Islamists Penetrate Western Security.) इन आँकडों से कोई भी आश्चर्य कर सकता है कि सरकार की एजेंसियों के सामने कौन सी विपत्ति आ सकती है जिसमें कि कुछ ने जिहाद और इस्लाम जैसे शब्द हटा दिये हैं गम्भीर रूप से उनके लिये आंतरिक खतरा है? पश्चिमवासियों को फ्रेड घुसिन और कामिल पाशा जैसे मुस्लिम एजेंट का ऋणी होना चाहिये जो कि आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष में निर्णायक रहे हैं। यह कहते हुए भी मैं 2003 के अपने वक्तव्य पर कायम हूँ 2003 statement कि, " इस दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य से नहीं बचा जा सकता कि कानून प्रवर्तन , सेना और कूटनीतिक पुलिस विभाग में सरकारी मुस्लिम कर्मचारियों पर आतंकवाद के साथ सम्पर्क के लिये नजर रखी जानी चाहिये" सम्बन्धित विषय: आतंकवाद, पश्चिम में मुसलमान डैनियल पाइप्स की साप्ताहिक हिन्दी ई-मेल सूची के नि:शुल्क सदस्य बनें |
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इस साइट की सभी सामग्री ©1980 -2013 डैनियल पाइप्स. हिन्दी अनुवाद अमिताभ त्रिपाठी |
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